इंदौर से कटनी जाते हुए ट्रेन से लापता हुई अर्चना नेपाल बार्डर पर मिली

जीआरपी भोपाल को कामयाबी, पूछताछ में सामने आयेगा गुमशुदगी का सच

Archana who went missing from Indore to Katni train was found at Nepal border, GRP Bhopal got success, truth of missing person will be revealed during interrogation
Archana Tiwari who went missing from Indore to Katni train was found at Nepal border

(बुन्देली बाबू डेस्क) रक्षाबंधन पर्व पर इंदौर से अपने घर कटनी आते हुए ट्रेन से लपता हुई कटनी निवासी युवती अर्चना तिवारी को जीआरपी पुलिस द्वारा 12 दिन बाद भारत नेपाल बार्डर के समीप से बरामद किया गया है। इंदौर में रहकर सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही युवती के गायब होने के बाद से ही मीडिया एवं सोशल मीडिया में हड़कंप मचा हुआ था। मामले में लगातार सर्च कर रही जीआरपी कमलापति थाना पुलिस को उसके लखमीपुर खीरी में होने की सूचना प्राप्त हुई थी जिसके बाद उसकी बरामदगी संभव हो सकी।

विगत 12 दिनो से पूरे देश में चर्चा में रहे अर्चना तिवारी केस में जीआरपी पुलिस भोपाल को बड़ी सफलता मिली है। इंदौर से कटनी जाते समय नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से रहस्यमयी तरीके से गायब हुई सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी को आखिरकार उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के नेपाल बॉर्डर के पास से बरामद कर लिया गया है। जीआरपी को यह सफलता 12 दिन बाद मिली है।

भोपाल के जीआरपी रानी कमलापति थाने की टीम ने इस मामले में दिन-रात एक करदी थी। भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा ने इस सफलता की जानकारी साझा करते हुए सोशल साईट एक्स पर ट्वीट किया, थाना जीआरपी रानी कमलापति की गुमशुदा मामले में जीआरपी पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अर्चना तिवारी को नेपाल बॉर्डर के पास लख्मीपुर खीरी से किया बरामद।

क्षाबंधन के दिन ट्रेन से लापता हुई थी युवती
इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी 7 अगस्त, 2025 को रक्षाबंधन के मौके पर अपने घर कटनी जाने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा कर रही थीं। अपने घर कटनी पहुंचने से पहले ही वो रहस्यमयी तरीके से ट्रेन से लापता हो गई थीं। उनकी आखिरी लोकेशन भोपाल और नर्मदापुरम के बीच नर्मदा ब्रिज के पास मिली थी। अर्चना को ढूंढने के लिए जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने सर्च अभियान चला रखा था।

ग्वालियर में हुई थी आरक्षक से पूछताछ
युवती की गुमशंदगी के मामले में पुलिस को जानकारी मिली थी कि अर्चना का ट्रेन टिकट ग्वालियर के एक पुलिस कांस्टेबल ने बुक किया था. इसके आधार पर रेलवे पुलिस ने ग्वालियर जिले के भंवरपुरा पहुँचकर पुलिस कांस्टेबिल से पूछताछ की थी। जिसमें उसने सिर्फ एक बार बात करने एवं टिकिट बुक किये जाने की बात की थी। मामले में युवती के परिवार द्वारा उसके सकुशल होने एवं फोन पर बात किये जाने की खबर सामने आने के बाद पुलिस की राह असान हुई और सकुशल बरामदगी संभव हो सकी।

नेपाल बॉर्डर से बरामदगी
जीआरपी को सूचना मिली थी कि अर्चना तिवारी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में नेपाल बॉर्डर के पास हो सकती हैं। इसके बाद उसे बरामद करने के लिए टीम रवाना की गई थी। पुलिस ने करीब 12 दिनों बाद अर्चना को नेपाल बॉर्डर से सुरक्षित बरामद कर लिया है। फिलहाल युवती की गुमशुदगी की कहानी पर रहस्य का पर्दा बना हुआ है, पुलिस पूछताछ और खुलासे के बाद मामले की सच्चाई सामने आयेगी।

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